अदना सा मैं,औकात मेरी मोची पर सोच आप की बड़ी ओछी 
अनूपपुर - नेता जी आपकी बात ही निराली है आप हम अदने से मीडिया कर्मियों को कभी बिका हुआ तो कभी गोदी मीडिया तो कभी भाड़ मीडिया से संबोधित करते है पर आपके क्या कहने आप अपने विभिन्न रंगों के कलफ़ दार कुर्ते की तरह आपके विचार और आस्थाये भी बदलते रहते है कभी आप कांग्रेस के साथ तो कभी आप कन्हैया कुमार के विचारों से प्रभावित हो जाते हो तो कभी आप भाजपा से अलग हुए एक महत्वाकांक्षी महिला नेत्री के साथ उनके विचारों से प्रभावित दिखते हो अरे हम तो आपको ये बताना ही भूल गए कि आप एक समय तो आज के आपके घोर विरोधी मोदी के पार्टी के भी समर्थक थे हां आपको  जनप्रतिनिधि का तमगा भी उसी मोदी के पार्टी ने ही दिया था ये अलग बात है कि आप अपने आका के महत्वाकांक्षा से प्रभावित हो कर समय समय पर अपनी विचारधारा ही परिवर्तित करते रहे और आपको लगातार खबरों में हम अदनी सी अवकात वाले मोची रूपी मीडिया कर्मी ही बनाये रखे पर आप है कि कभी एक विचार में टिकते ही नही चंद दिनों में ही आपके विचार रूपी वस्त्र फट जाता है और हमे मोची की भूमिका निभानी पड़ती है और आपको बुरा लग जाता है और आप हमें तमाम संज्ञायो से नवाज देते हो 

इन दिनों कुछ नेताओं को लगता है कि मीडिया को गाली दो और सुर्खियां बटोर लो और बन जाओ बड़े नेता, साहब नेता तो आप उसी दिन हो गये जिस दिन आप ने अपने दुबलाये बदन पे अंगडाय सा बिना किसी सिलवट के कुर्ता पहन लिया और समय के साथ आप भी अकड़ाते चले गए,और आप नेता बन गये,बस अब बारी थी बड़ा नेता बनने की होड़ में आगे निकलने की ,हाय तौबा इस होड़ में आप ने मर्यादाओं को ऐसे निपटाया ऐसे निपटाया जैसे आप मतदान के ठीक एक रात पहले मतदाताओं को निपटाने के लिए सारी हदें पार करते है,और आप बेमर्यादित होते हुए कुंठा से ग्रसित भाव से मीडिया कर्मियों को जब जो मुह में आया बकते रहते हो पर सच बताऊं हम मीडिया कर्मी अदने से है और औकात भी अदनी सी और मोची से बडी पद प्रतिष्ठा भी नही और फिर भी हम खुश रहते है अपनी इसी जिंदगी में,पर उस पर भी आप की ऐंठन और अकड़पन कि वजह से हमारे मन को ठेस पहुंचने में कोई कमी नही रहती क्यों कि आप अकड़े हुए से कुर्ते के अंदर अकड़े हुए से अमर्यादित शब्दों का स्तेमाल जब खुले आम करते हो ,आप की बाते हो सकती है सही हो पर कम से कम सत प्रतिशत तो हो ही नही सकती पर आप की नजर में सभी मीडिया कर्मी बिकाऊ,भाड़े के फला फला होते है पर आप को बता दें मोची को आप छोटा जरूर समझते है पर यही मोची आप की और आप के जूते की औकात बताता है कि कितना फटा हुआ है पर आप अपना जूता देखने की जगह अकड़े हुए कुर्ते की तरफ देख कर खुश ऐसे होते हो जैसे देश मे आप से बड़ा नेता और आप से बड़ा कोई पाक साफ नही है आप के कुर्ते के पीछे के दाग तो बहुत है पर वो आप को दिखाई नही देंगे क्यों की आप को तो सिर्फ ये सबीत करने की होड़ में आगे निकलना है कि आप हम जैसे लोगों को कितना भला बुरा कह सकते है पर आप को सभी मीडिया कर्मियों की तरफ से   हम बधाई देते है कि आप को मुझे नही पता कि राजनीति में ये संस्कार मिले है या आप के घर से ये संस्कार प्राप्त हुए बहरहाल जहां से भी प्राप्त हुए हो आप को मुबारक पर इतना जरूर कहूंगा की हर आप के उधड़े हुए जूते की फटन को मैं बताऊंगा भी और समय समय पर आगाह भी करता रहूंगा की आप के दामन में दाग कितने है दागों को आप हमें बतौर बख़्सिस गलियों से नवाजते रहिये  क्यों कि हर बात पे आप ही कहते है न कि बिकाऊ भाड़े की फला फला जो भी पर मुझे आप से इतनी उम्मीद है कि आप कभी तो बताएंगे कि आप ने कितनो को खरीदा और कितने बिके पर मुझे पता है आप वो भी नही बताओगे क्यों कि आप तो सिर्फ फेसबुकिया नेता हो और नेता बनने की होड़ में लगे है लगे रहिये कभी न कभी कामयाबी मिलेगी पर उम्मीद है मर्यादित रहेंगे और कम से कम आप को मिलने वाले सम्मान को आप सम्मान से संभालने की कोशिस करेंगे क्यों कि जैसा देश वैसा भेश आप किसी को सम्मान दें न दें खुद को मिलने वाले सम्मान की रक्षा करना भी आप का दायित्व है अब आप को तय करना है कि नेता बनने के लिए अमर्यादित होना है या सम्मानित नेता बनना है