नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत को बड़ी जीत हासिल हुई है. आईसीजे ने अपने फैसले में कहा है कि पाकिस्तान जाधव पर दिए अपने फैसले पर विचार करे. साथ ही कुलभूषण पर मुकदमे की प्रक्रिया पर फिर से विचार हो. इन सबके बीच, पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की कद्दावर महिला नेत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इस मामले में भारत की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है. सुषमा स्वराज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं कुलभूषण जाधव के मामले में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का तहे दिल से स्वागत करती हूं. यह भारत के लिए बहुत बड़ी जीत है.

सुषमा स्वराज ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि मैं कुलभूषण जाधव के मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष ले जाने के लिए हमारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं. उन्होंने आईसीजे में जाधव का पक्ष रखने वाले वकील की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि मैं हरीश साल्वे को आईसीजे के समक्ष इस मामले को बहुत प्रभावी ढंग से और सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद देती हूं.मुझे उम्मीद है कि इस फैसले से कुलभूषण जाधव के परिवार के सदस्यों को तसल्ली मिलेगी, जिसकी उन्हें बहुत ज्यादा जरूरत थी.

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आईसीजे ने कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान को निर्देश दिया है. निसंदेह यह भारत केलिए एक बड़ी जीत है.
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में बुधवार को भारत को बड़ी जीत मिली है. नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय (आईसीजे) ने पाकिस्तान से जाधव की सजा पर पुनर्विचार के लिए कहा. जाधव को पाकिस्तान ने भारतीय जासूस बताते हुए मौत की सजा सुनाई हुई है. पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जबकि भारत ने इसे गलत बताते हुए इसके खिलाफ आईसीजे में अपील की जिसमें आज (बुधवार को) आईसीजे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे. 

1-इस फैसले में सबसे बड़ी बात रही कि इंटरनेशनल कोर्ट के 16 में से 15 जज भारत के पक्ष में रहे, जबकि पाकिस्तान के जज इस फैसले के विरोध में रहे. 
2- आईसीजे ने अपने फैसले में कहा कि कोर्ट ने पाया कि पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से संपर्क करने और उन्हें हिरासत में रखकर उन्हें किसी से मिलने के और अपने कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए व्यवस्था करने के अधिकार से वंचित किया. पाकिस्तान ने इस तरह से कंसूलर रिलेशंस पर वियना कन्वेंशन के तहत दायित्वों का उल्लंघन किया है.

3- आईसीजे ने निर्देश जारी किया है कि कुलभूषण जाधव को भारतीय दूतावास से मदद मिलेगी और उन्हें वकील भी मुहैया कराया जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा है कि जाधव की फांसी की सज़ा पर तब तक रोक बरकरार रहेगी जब तक पाकिस्तान अपने फैसले की प्रभावी समीक्षा और पुर्नविचार नहीं कर लेता. 

4- आईसीजे ने निर्देश जारी किया है कि कुलभूषण जाधव को भारतीय दूतावास से मदद मिलेगी और उन्हें वकील भी मुहैया कराया जाएगा.
5- कोर्ट के अध्यक्ष सोमालिया के जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़ा. उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी.