भोपाल।  14 जुलाई 2019 को फरियादी नारायण सिंह मीना पिता रामचरण मीना, निवासी बैरागढ चीचली, थाना कोलार रोड, भोपाल के द्वारा थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट की कि आज दिनांक को शाम 18.30 बजे उसका पोता वरूण मीना उम्र 3 साल, घर के सामने खेल रहा था जो कहीं चला गया है, खोजने के बाद उसका कोई पता नहीं चला है। फरियादी की रिपोर्ट पर तत्काल अज्ञात आरोपी के विरूद्ध कायम किया गया। थाना कोलार एवं अन्य थानो के बल द्वारा घटनास्थल के आसपास के इलाके में सघन सर्चिंग की गई तथा संभावित सभी स्थानो पर दबिश दी गई। आज दिनांक 16 जुलाई 2019 को एसडीओपी मिसरोद अनिल त्रिपाठी एवं अनिल बाजपेयी, थाना प्रभारी कोलार की टीम घटनास्थल के आस पास सर्चिंग कर रही थी तो घटनास्थल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर एक सूनसान घर के अंदर तलाशी ली गई तो वहॉं पर एक नाबालिक बच्चे की अधजली लाश जमीन पर पड़ी हुई थी। गुमशुदा बालक वरूण मीना के परिजनों को लाश को दिखाया गया तो उन्होंने उसकी पहचान गुमशुदा वरूण मीना, उम्र 3 साल के रूप में की। 
घटना के फरियादी नारायण सिंह मीना का बेटा विपिन मीना के घर के सामने रहने वाली महिला सुनीता सोलंकी पत्नि  दुले सिंह सोलंकी, उम्र 40 साल, निवासी बैरागढ चीचली, कोलार रोड भोपाल एवं उसके लड़के शुभम सोलंकी पिता दुले सिंह, उम्र 20 साल, निवासी बैरागढ चीचली कोलार भोपाल से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने घटना कारित करना स्वीकार किया। आरोपी सुनीता सोलंकी ने पूछताछ पर बताया कि पिछले माह उसके घर पर चोरी हो गई थी। उसको शक था कि उसके घर के सामने रहने वाले विपिन मीना के द्वारा यह चोरी की गई है। इसी बात पर उसके मन में विपिन मीना के खिलाफ आक्रोश था, घटना दिनांक 14 जुलाई 2019 को विपिन मीना का बेटा वरूण मीना उम्र 3 साल उसके घर पर खेलने के लिये आया था तो उसने बालक वरूण मीना को खाने में चींटी मार दवा मिलाकर खिला दी थी जिससे बालक बेहोश हो गया था। डर के कारण उसने बालक को घर में ही टंकी में छिपा कर रख दिया था तथा दिनांक 15 जुलाई 2019 को भी घर में ही छिपा कर रखा था आज दिनांक 16 जुलाई 2019 को अलसुबह घर के पास ही खाली पडे धर में ले जाकर मृतक की लाश को जला दिया। उक्त कार्य में आरोपिया के छोटे बेटे शुभम सोलंकी ने भी सहयोग किया था। दोनो आरोपियों ने पूछताछ में हत्या कर शव को जला देने की बात स्वीकार की है। अपराध में धारा 302/201 भादवि का इजाफा किया जाकर आरोपियों को प्रकरण में गिरफतार किया गया है । उपरोक्त अपराध को सुलझाने मे अखिल पटेल, अति0पुलिस अधीक्षक जोन-1,  अनिल त्रिपाठी, एसडीओपी मिसरोद, अमित कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक गोविंदपुरा अनिल बाजपेयी, थाना प्रभारी कोलार, उप निरीक्षक  जय कुमार सिंह, उनि अंजना धुर्वे, उनि ए0बी0मस्कोले, उनि शुभम पांडे, सउनि संजय सिंह, जसवंत सिंह, विनोद द्विवेदी, प्रआर विजय यादव, आर0 कुंवर बहादुर आर0 अरविंद आदि की सराहनीय भूमिका रही । अपराध शाखा से  निश्चल झारिया, अति0पुलिस अधीक्षक, अपराध, सलीम खान, उप पुलिस अधीक्षक, अपराध, उनि जी एस दांगी, प्रआर अजय बाजपेयी, आर0 मधुसूदन सिंह चौहान, आर0 प्रयाग कुमार, आर0 शाहिद खान प्रआर चन्द्रपाल बघेल, मयंद चौहान, श्याम चौहान की उत्कृष्ट भूमिका रही है । उप पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली द्वारा टीम को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किये जाने की घोषणा की गई है।