हाथ की रेखाओं की तरह ही उसमें पाये जाने वाले क्रॉस का भी हमारे जीवन में बेहद प्रभाव पड़ता है। हमारे हाथ में क्रॉस का निशान कई बार देखा जाता है, लेकिन हमें मालूम नहीं होता कि इसका मतलब क्‍या है। क्रॉस का निशान हमारे हाथ में किसी भी पर्वत या किसी भी रेखा पर हो सकता है। हर जगह इसका फल अलग-अलग रहता है। 
यदि किसी जातक के गुरु पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो उसे सभी तरह का सुख मिलता है। ऐसे जातक को शिक्षित एवं धनी कुल का जीवनसाथी मिलता है। वह सुखी वैवाहिक जीवन जीता है। क्रॉस का निशान केवल गुरु पर्वत पर ही शुभ होता है। अन्य स्थान पर होने से इसका अच्‍छा लाभ नहीं मिलता।
यदि शनि पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो जातक को लड़ाई में चोट लगती है। ऐसे जातक की अकाल मुत्‍यु तक हो जाती है।
यदि क्रॉस का निशान सूर्य पर्वत पर हो तो जातक हमेसा बदनामी का पात्र बना रहता है। ऐसे जातक को कारोबार में हमेशा घाटा होता है।
यदि बुध पर्वत पर क्रॉस का हो तो ऐसे जातकों से हमेशा दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग धोखेबाज़ ठग और झूठे होते है।
यदि किसी जातक का केतु पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो जातक की शिक्षा किसी परिवारिक समस्या के चलते नहीं हो पाती।
मंगल पर्वत पर क्रॉस का चिह्न दिखें तो जातक लड़ाई-झगड़ों में विश्वास रखता है। ऐसे लोग या तो जेल जाते हैं अथवा आत्‍महत्‍या तक कर लेते हैं।
राहु पर्वत पर क्रॉस का चिन्ह जातक को यौवनकाल में दुःख देता है। इस तरह के जातक रोग के शिकार होते हैं।
यदि जातक के ह्दय रेखा पर क्रॉस का चिह्न हो तो जातक को दिल की बीमारी का खतरा रहता है।
जातक की जीवन रेखा पर क्रॉस का निशान है तो वह मृत्‍युतुल्‍य कष्‍ट भोगता है।