नई दिल्ली: राहुल गांधी ने फाइनल कर दिया है कि वह बिल्कुल भी कांग्रेस अध्यक्ष रहना नहीं चाहते हैं. उन्होंने चार पन्नों का एक पत्र लिखा है और उसमें तमाम बातें लिखते हुए यह साफ कर दिया है कि वह अब अध्यक्ष बने रहना नहीं चाहते. राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस की भी कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही उन्होंने धन्यवाद भी कहा है.

राहुल गांधी ने अपना त्यागपत्र अपने ट्विटर हैंडल पर सार्वजनिक कर दिया. कांग्रेस द्वारा 542 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 52 सीटें जीतने के बाद राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी. राहुल गांधी ने इस्तीफे में आरएसएस और बीजेपी कई आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी ने देश की संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं.

आइए एक नजर में जानें कि राहुल ने कौन-कौन से आरोप लगाए हैं: 
1. राहुल ने अपने इस्तीफे में कहा कि देश की संस्थाओं पर कब्जा करने की आरएसएस का लक्ष्य पूरा हुआ. 
2. उन्होंने अपने इस्तीफे में देश की संस्थाएं निष्पक्ष नहीं हैं.
3. देश और उसके संविधान पर हमला हो रहा है. 
4. बीजेपी ने पैसे के दम पर सत्ता हासिल की.
5. खतरा है भविष्य में चुनाव सिर्फ औपचारिकता बनकर न रह जाएं. 
6. देश की हर संस्था कांग्रेस के खिलाफ है.

उधर, राहुल के इस्तीफे पर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हमारे लिए अत्यंत दुख का विषय है, उम्मीद, विश्वास था कि मना लेंगे. कोशिश की. उनका संकल्प दृढ़ होता है, हमें बहुत दुख के साथ स्वीकार करना पड़ेगा. हमारे नेता हैं और रहेंगे, आनेवाले समय में जब समय बदलेगा तो हम उनको नई उर्जा के साथ देश की अगुवाई करते देखेंगे." 

पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "राहुल ने इस्तीफा दिया, अधिकार का इस्तेमाल किया सम्मान किया लेकिन जो लिखा है उससे सहमत नहीं है. जाते-जाते प्रेस, जूडिश्यरी पर आरोप लगा दिया. कितनी गलत बात लिखी है."