अरब सागर में पैदा हुआ चक्रवाती तूफान 'वायु' (Cyclonic Storm Vayu) गुजरात के अब और करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान 13 जूून की सुबह तक गुजरात से टकराएगा। तूफान को देखते हुए गुजरात सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने पर्यटकों से किसी सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कहा है।

गुजरात से पहले महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में चक्रवात वायु का असर देखने को मिल रहा है। मुंबई में आज सुबह तेज हवाओं के कारण एक पेड़ उखड़ गया। पेड़ के नीचे एक बाइक आ गई। वहीं, मुंबई मौसम विभाग के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल ने कहा है कि चक्रवात की वजह से उत्तर महाराष्ट्र के तट पर में तेज हवाएं चलेंगी।

- मौसम विभाग ने कहा कि इससे मकानों के क्षतिग्रस्त होने, छतों और धातु की चादरों को उड़ाने, बिजली और संचार लाइनों के बाधित होने और सड़कों और फसलों को बड़ी क्षति होने की संभावना है।
- कच्‍छ के कांदला बंदरगाह का अस्‍थायी रूप से बंद कर दिया है। चक्रवात के कारण गुजरात में तटीय इलाकों में भूस्‍खलन होने की संभावना है। बंदरगाह  और मछुआरों के पास के इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों को एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 
- गुजरात के उप मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि चक्रवात वायु से सौराष्ट्र इलाके के 10 जिलों के 408 गांवों में रहने वाली करीब 60 लाख की आबादी के प्रभावित होने की संभावना है। 
- भारतीय तटरक्षक दल ने आपदा राहत टीमों का गठन किया है। तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए दमन, दहानू मुंबई, मुरुदजीरा, रत्नागिरि, गोवा कारवार, मंगलौर, बेयपोर, विजिंजम और कोच्चि में तत्काल सूचना दी गई है।
- गुरुवार सुबह चक्रवात वायु के भीषण तूफान के रूप में पोरबंदर और महुवा के बीच गुजरात तट को पार करने की संभावना है।
- गुजरात के वलसाड में 20 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वलसाड के तटीय इलाकों के गांवों में 39 स्‍कूल बंद रहेंगे। आग और बचाव दल भी अलर्ट पर हैं।   
- तूफान से सबसे ज्यादा कच्छ, देवभूमि, द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, जूनागढ़, दीव, गिर, सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिलों में नुकसान का अनुमान है।
- तूफान से सबसे ज्यादा कच्छ, देवभूमि, द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, जूनागढ़, दीव, गिर, सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिलों में नुकसान का अनुमान है।
- निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर हवाई निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। 
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और महाराष्‍ट्र, गुजरात, गोवा के अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- गुजरात में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की 10 टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। 
- गुजरात में पोरबंदर और कच्‍छ क्षेत्र के करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- ‘फेनी’ तूफान के दौरान ओडिशा में अपनाई गई आपदा प्रबंधन तकनीक को सीखने और उन्हें लागू करने के लिए गुजरात के संबंधित अधिकारी ओडिशा सरकार के संपर्क में हैं : विजय रूपाणी  
- गुजरात में एनडीआरएफ ने 39 टीमों को पहले से तैनात किया हुआ है। हर टीम में करीब 45 कर्मचारी शामिल हैं। बचाव दल को नावों, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस किया गया है।

 

गुजरात सरकार हुई सावधान

मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने गांधीनगर में मुख्‍य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सेना व आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ बैठक कर समु्द्र तटीय जिलों भावनगर, अमरेली, गीर सोमनाथ, जूनागढ,पोरबंदर व जामनगर के लिए राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।

 

 

रुपाणी ने आगामी 48 घंटे के दौरान चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिला कलेकटर, कर्मचारी व जवानों के अवकाश रद्द कर दिए हैं। वहीं 12 व 13 जून को स्‍कूल, कॉलेज व आंगनवाडी केंद्रों में छुट्टी रखने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि  जल,थल व वायू सेना के अधिकारियों के साथ भी संपर्क में हैं, जरूूरत हुई तो उनकी भी मदद ली जाएगी।

 

 

 

 

गुजरात पर मंडरा रहे वायुु नामक चक्रवात के खतरे को देखते हुए समुद्र से सभी मछुआरों को बाहर बुला लिया है। एनडीआरएफ व सेना के जवानों को तटीय इलाकों में तैनात कर दिया है। मुख्‍यमंत्री रुपाणी ने निचले इलाकों से लोगों को हटाने के साथ मंत्रीयों को भी प्रभावित इलाकों में रहने को कहा है।

 चक्रवाती तूफान 'वायु' लगातार उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में गुजरात की ओर बढ़ रहा है। लक्षद्वीप के दक्षिणपूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर में बने डिप्रेशन की वजह से गुजरात में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार तक 'वायु' तूफान अपने चरम पर होगा और इसकी रफ्तार 165 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की हो सकती है।

 

बता दें कि गर्म समुद्री हवाओं की वजह से कम दबाव वाले क्षेेत्रोंं ने सोमवार को डिप्रेशन का रूप ले लिया और मंगलवार सुबह तक चक्रवात में तबदील हो गया है। इस चक्रवात का नाम 'वायु' रखा गया है, जो की भारत द्वारा दिया गया है। 

चीन को भारत की मदद 
चक्रवात वायु से बचे रहने को लेकर रत्नागिरी बंदरगाह(महाराष्ट्र) पर चीन के 10 जहाजों को रुकने की इजाजत दी गई है। यह जानकारी केआर सुरेश, कोस्टगार्ड आईजी ने दी।

न वायु से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने भारत में शरण ली है। सुरेश ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल ने उन्हें सुरक्षा घेरा के तहत वहां रहने की इजाजत दी है।