बेंगलुरु । दुनिया मशहूर मोबाइल निर्माता कंपनी को अपनी लापरवाही का खमियाजा भारी अर्थदंड चुका कर भुगतना पड़ा। एक स्‍थानीय उपभोक्‍ता अदालत ने ऐपल इंडिया को बेंगलुरु के एक युवक का पैसा रिफंड करने और उसे हर्जाना देने को कहा है। इस युवक ने ऐपल का नया आईफोन एक्‍स खरीदा था जो ठीक से काम नहीं कर रहा था। युवक के शिकायत करने पर भी ऐपल ने न तो वॉरंटी पीरियड के अंदर उसका फोन बदला न ही उसे रिफंड दिया। 15 मई को अपने फैसले में अदालत ने ऐपल इंडिया को 97,500 रुपये रिफंड के तौर पर देने का आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने ऐपल को आदेश किया कि वह ग्राहक को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 5,000 रुपये और अदालती खर्च के तौर पर 5,000 रुपये अलग से दे। इस तरह कोर्ट ने 60 दिनों के भीतर ऐपल को कुल 1,07,500 रुपये देने का आदेश दिया है।
साल 2018 के शुरू में दीपक कुमार (25) ने थानीसांड्रा मेन रोड पर स्थित आईसेंटर से 97,500 रुपये देकर आईफोन एक्‍स 64 जीबी खरीदा था। अगस्‍त 2018 में दीपक ने गौर किया कि फोन के स्‍पीकर की आवाज काफी कम है साथ ही जब म्‍यूजिक चलता है तो कुछ अजीब सी आवाजें आती हैं। दीपक ने आधिकारिक ऐपल सर्विस सेंटर जाकर अपना फोन सही होने के लिए दिया। 6 अगस्‍त को उन्‍हें सेंटर की तरफ से ईमेल आई कि स्‍पीकर खराब है नए पुर्जों का ऑर्डर दिया जा चुका है। पांच दिन बाद दीपक हैरान रह गए जब सेंटर से आई दूसरी मेल में कहा गया कि उन्‍हें फोन सही कराने के लिए फिर से शिकायत करनी होगी।
जब दीपक ने ऐपल इंडिया के हेल्‍पलाइन नंबर पर संपर्क किया तो उन्‍हें बताया गया कि उनके फोन में कुछ ऐसी गड़बड़ी हुई है जिसकी 'कोई जानकारी' नहीं है। इसलिए भले ही उनका वॉरंटी पीरियड बाकी हो लेकिन यह समस्‍या वॉरंटी में नहीं आती। दीपक ने ऐपल से ईमेल और फोन के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन ऐपल के स्‍टाफ ने उनकी समस्‍या का समाधान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दीपक ने 24 सिंतबर 2018 को बेंगलुरु शहरी द्वितीय अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में अपनी याचिका दायर की। दीपक सुनवाई के समय अपने सभी दस्‍तावेजों के साथ मौजूद रहे। ऐपल की ओर से उनके वकील तो आए लेकिन अज्ञात कारणों से उन्‍होंने अपना पक्ष नहीं रखा। आठ महीनों की सुनवाई के बाद अदालत ने ऐपल इंडिया को फटकार लगाई कि उसने अपने कस्‍टमर को सही तरह सेवाएं नहीं मुहैया कराईं जबकि फोन वॉरंटी में था।